NEET (नीट) का फुल फॉर्म क्या होता है?

NEET (नीट): National Eligibility cum Entrance Test (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट)

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NEET (नीट) का मतलब या फुल फॉर्म  National Eligibility cum Entrance Test (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट) होता है।

नीट एक नेशनल लेवल का कॉमन एंट्रेंस एग्जामिनेशन है, जिसमें क्वालीफाई करने वाले स्टूडेंट्स को मेडिकल फील्ड के अलग-अलग कोर्सेज जैसे कि एमबीबीएस, बीडीएस, बीएचएमएस आदि में एडमिशन मिलता है।

 

NEET full form in hindi
NEET full form in Hindi

 

नेशनल टेस्ट एजेंसी के द्वारा कंडक्ट किए जाने वाला यह एग्जाम भारत के मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के लिए जरूरी है।

किसी स्टूडेंट ने नीट एग्जाम में कैसा स्कोर किया है, उसी के आधार पर उसे अलग-अलग सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजेस और कोर्सेज में एडमिशन मिलता है।

नीट एग्जाम दो तरह के होते हैं नीट यूजी और नीट पीजी।

NEET (नीट) यूजी 

नीट यूजी अंडर ग्रैजुएट कोर्सेज जैसे कि एमबीबीएस, बीडीएस और बीएचएमएस में एडमिशन के लिए जरूरी है।

भारत के सभी मेडिकल कॉलेजेस इस एंट्रेंस एग्जाम के थ्रू ही अंडर ग्रेजुएट मेडिकल कोर्सेज में एडमिशन देते हैं।

एम्स और जिपमर दो ऐसे मेडिकल कॉलेज हैं, भारत में, जिन्हे अलग से एंट्रेंस एग्जाम कंडक्ट करने का परमिशन है।

सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस ऐडमिशन में हर मेडिकल कॉलेज में, उस राज्य के स्टूडेंट को के लिए 85% सीट रिजर्व रहता है, 15% सीट ऑल इंडिया स्टूडेंट के लिए होता है

NEET का इतिहास

नीट की शुरुआत 2013 में हुई इससे पहले भारत में मेडिकल एडमिशन के लिए बहुत सारे एंट्रेंस एग्जाम होते थे, अलग-अलग कॉलेज और राज्य अपना खुद का इंट्रेंस एग्जाम कंडक्ट करते थे।

जिसके कारण स्टूडेंट्स को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था, और एडमिशन में बहुत सारा करप्शन भी होता था।
इन्हीं सारी बातों को ध्यान में रखकर पूरे इंडिया के लिए एक ही एंट्रेंस एग्जाम का कांसेप्ट लाया गया।

आज नीट के कारण मेडिकल यूजी ऐडमिशन और मेडिकल पीजी ऐडमिशन बहुत ही पारदर्शी ढंग से हो रहा है।

NEET UG के लिए पात्रता

जिन स्टूडेंट्स ने 12th में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी सब्जेक्ट लेकर पढ़ाई की है, और जिनका ट्वेल्थ का परसेंटेज 50% से ऊपर है, वह neet-ug का एग्जाम लिख सकते हैं (रिजर्व कैटेगरी वालों के लिए 40% मार्क)।

नीट यूजी के लिए छात्र की उम्र कम से कम 17 साल होनी चाहिए।

 

नीट यूजी की मुख्य बातें

  • नीट यूजी हर साल मई महीने में कंडक्ट किया जाता है।
  • यह एग्जाम पेन और पेपर से लिया जाता है यानी ऑफलाइन में लिया जाता है।
  • नीट यूजी एग्जाम का फुल मार्क्स 720 होता है, जिसमें हर साल लगभग 120 के लगभग स्कोर करने वाले स्टूडेंट काउंसलिंग के लिए एलिजिबल होते हैं।
  • इस इंट्रेंस एग्जाम का एप्लीकेशन फीस 1500 रुपए है।
  • यह एंट्रेंस एग्जाम 3 घंटे का होता है, और इसमें ऑब्जेक्टिव टाइप क्वेश्चन पूछे जाते हैं।
    इस एग्जाम में नेगेटिव मार्किंग भी होता है, और किसी भी गलत आंसर के लिए एक मार्क काट लिया जाता है।
  • भारत के सरकारी मेडिकल कॉलेज, जिनका ट्यूशन फीस कम होता है, में एडमिशन के लिए छात्र को नीट यूजी में कम से कम 500 के करीब स्कोर करना चाहिए।
  • नीट यूजी के अंतर्गत कुल 1174 मेडिकल कॉलेज आते हैं।
  • इस एंट्रेंस एग्जाम के लिए 15 लाख से ज्यादा स्टूडेंट अप्पेअर होते हैं।
  • इस एग्जाम के अंतर्गत कुल 92 हजार एमबीबीएस सीट आते हैं ,जिनमें 31000 के करीब सरकारी मेडिकल कॉलेज के सीट हैं।

नीट पीजी

नीट पीजी का फुल फॉर्म नेशनल एलिजिबिलिटी कम इनट्रेंस टेस्ट फॉर पोस्ट ग्रेजुएट होता है।

नीट PG यानी पोस्ट ग्रेजुएट एंट्रेंस एग्जाम भारत के मेडिकल कॉलेजेस में पोस्ट ग्रेजुएट कोर्सेज में एडमिशन के लिए कंडक्ट किया जाता है।

भारत के मेडिकल कॉलेज में पीजी कोर्स में एडमिशन के लिए यह एंट्रेंस एग्जाम लिखना और इसमें क्वालीफाई करना जरूरी है।

जिन स्टूडेंट्स ने एमसीआई रिकॉग्नाइज्ड मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस कोर्स किया है वह इस एंट्रेंस एग्जाम के लिए एलिजिबल होते हैं।

नीट पीजी की मुख्य बातें

  • यह एंट्रेंस एग्जाम हर साल जनवरी महीने में ऑनलाइन मोड यानी कंप्यूटर बेस्ड कंडक्ट किया जाता है।
  • NBE यानी नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इस एग्जाम को कंडक्ट करता है।
  • इस नेशनल लेवल एंट्रेंस एग्जाम के लिए, केवल ऑनलाइन अप्लाई किया जा सकता है, और एप्लीकेशन फीस 3750 रुपए होता है।
  • 3 घंटे 30 मिनट के एंट्रेंस एग्जाम के दौरान, 300 मल्टीपल चॉइस क्वेश्चन पूछे जाते हैं, और इसमें नेगेटिव मार्किंग स्कीम भी होता है।
  • इस एंट्रेंस एग्जाम का कुल मार्क 1200 होता है, और 400 के करीब स्कोर करने वाले स्टूडेंट क्वालीफाई कर जाते हैं।
  • यह एंट्रेंस एग्जाम केवल इंग्लिश भाषा में कंडक्ट किया जाता है।
  • इस एंट्रेंस एग्जाम के लिए 1.5 लाख से ज्यादा स्टूडेंट अप्पेअर होते हैं।
  • इस एंट्रेंस एग्जाम में 550 के करीब मेडिकल कॉलेज पार्टिसिपेट करते हैं, और कुल 10000 से ज्यादा सीट होती हैं।

इसी तरह के फुल फॉर्म

एमबीबीएस फुल फॉर्म

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