RAM (रैम) का फुल फॉर्म क्या होता है?

RAM (रैम): Random-Access Memory (रेंडम एक्सेस मेमोरी)

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RAM (रैम) का फुल फॉर्म या मतलब Random-Access Memory (रेंडम एक्सेस मेमोरी) होता है

RAM को कंप्यूटर या मोबाइल की प्राथमिक मेमोरी या अस्थायी मेमोरी भी कहा जाता है और यह इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के सबसे बुनियादी हिस्सों में से एक है।

किसी भी कंप्यूटर के तीन प्रमुख कंपोनेंट होते हैं, रैम, रोम और सीपीयू
हम कोई भी इंफॉर्मेशन को रॉम पर परमानेंटली स्टोर करते हैं, और जब हमें कोई काम करना होता है, तो उस इंफॉर्मेशन को हम रैंप पर ट्रांसफर करते हैं, और रैम उसे सीपीयू को ट्रांसफर करता है
चुकी रैम का डाटा ट्रांसफर रेट बहुत ज्यादा होता है, इसलिए सीपीयू जल्दी से कोई भी डाटा रिसीव और सेंड कर पाता है, और किसी काम को तेजी से कर पाता है

इसीलिए अक्सर यह कहा जाता है कि आपके मोबाइल या कंप्यूटर में रैम जितना ज्यादा होगा, आपका डिवाइस उतना ही तेजी से काम कर पाएगा

RAM ka full form
RAM ka full form

आज कई मोबाइल कंपनियां अपने मोबाइल में 12 जीबी तक का रैम उपलब्ध करा रही हैं, वही कंप्यूटर कंपनियां 32जीबी तक का रैम लोगो को उपलब्ध करा रही हैं

रैम का इतिहास

शुरुआती कंप्यूटर्स में डिले लाइन, मैकेनिकल काउंटर्स या रेलेस को रेंडम एक्सेस मेमोरी के रूप में प्रयोग किया जाता था, इनमें सबसे कई बड़ी कमियां होती थी, जैसे कि यह बहुत ही कम डाटा को स्टोर कर पाते थे, और इनमें जिस ऑर्डर में डाटा को स्टोर किया जाता था, उसी आर्डर में डाटा को पढ़ा जा सकता था

पहला काम कर सकने वाला रैम विल्लियम्स tube था, जिसे सन 1947 में बनाया गया था, यह ऐसा पहला रेंडम एक्सेस मेमोरी था जो डाटा को इलेक्ट्रिकली charged स्पॉट के रूप में कैथोड रे ट्यूब के फेस पर स्टोर कर रहा था

लेकिन रोबर्ट देनार्ड को रेंडम एक्सेस मेमोरी का आविष्कारक कहा जाता है, जिन्होंने 1968 में इसका पेटेंट करवाया था

रोबोट डिनर द्वारा बनाया गया रैम आज के मॉडर्न रैम का पहला स्टेज था, जिसमें ट्रांजिस्टर का प्रयोग किया गया था

रैम कैसे काम करता है?

RAM नियमित SSD मेमोरी के बजाय किसी भी कंप्यूटर की वर्किंग मेमोरी है, क्योंकि RAM बहुत तेज है।

एक मेमोरी चिप या रैम लाखों कैपेसिटर और ट्रांजिस्टर से बना एक एकीकृत सर्किट है।

आज की उन्नत रैम में एक ट्रांजिस्टर और कैपेसिटर को मेमोरी सेल बनाने के लिए एक साथ रखा जाता है।

एक मेमोरी सेल एक बिट सूचना का प्रतिनिधित्व करता है या संग्रहीत करता है।

और रैम के अंदर, रैम के मेमोरी साइज के आधार पर इन मेमोरी सेल्स के अरबों हिस्से किए जाते हैं।

RAM full form in Hindi
RAM full form in Hindi

रैम क्या करता है?

रैम इंस्टेंट मेमोरी होता है, जिसपर कंप्यूटर उस समय काम कर रहा होता है.

जैसे मान लिया कि हम अपने कंप्यूटर पर फोटोशॉप पर कुछ काम करना चाहते हैं, तो फोटोशॉप एप्लीकेशन हमारे कंप्यूटर के हार्ड ड्राइव पर इंस्टॉल किया रहेगा,

लेकिन जैसे ही हम इस पर काम करने के लिए इस एप्लीकेशन पर क्लिक करेंगे, यह फोटोशॉप एप्लीकेशन टेंपरेरिली रैम पर आ जाएगा, जहां से प्रोसेसर आसानी से इस एप्लीकेशन को चला पाएगा, फिर जब अपना काम पूरा करने के बाद हम इस फोटोशॉप एप्लीकेशन को बंद कर देंगे तो वह रैम पर से पूरी तरह मिट जाएगा

इसी तरह रैम हमारे मोबाइल में भी काम करता है, जिससे हम किसी भी एप्लीकेशन को आसानी से चला पाते हैं
जैसे मान लिया कि आपने अपने मोबाइल पर कोई गेम डाउनलोड किया हुआ है, तो वह आपके मोबाइल के मेन मेमोरी में सेव रहेगा, लेकिन जब आप उस गेम को खेलेंगे तब वह गेम उस समय रैम पर आ जाएगा, ताकि प्रोसेसर उस गेम को आसानी से चला पाए, और आप अच्छा गेम एक्सपीरियंस ले पाए

तो रैम वह फास्ट मेमोरी है, जो बहुत तेजी से प्रोसेसर को डाटा पहुंचाता है, और प्रोसेसर से कोई डाटा रिसीव करता है, जिसके कारण हमारा कंप्यूटर या मोबाइल बिना हैंग किए तेजी से काम करता है.

इसीलिए जब हम किसी ऐसे कंप्यूटर पर जिसका रैम कम है कई एप्लीकेशन एक साथ खोल देते हैं तो वह हैंग करने लगता है

रैम कितने तरह के होते हैं?

आजकल के मॉडर्न कंप्यूटर में दो तरह का रैम प्रयोग किया जाता है-

Static RAM (SRAM)- 

SRAM में एक बिट डाटा को स्टोर करने के लिए सिक्स MOSFETS का प्रयोग किया जाता है, इस तरह का RAM को बनाने में ज्यादा खर्च लगता है, लेकिन यह बहुत कम पावर खर्च करता है और बहुत ज्यादा फास्ट होता है

इस तरह के रैम का प्रयोग सुपर कंप्यूटर या बहुत बड़े ऑर्गेनाइजेशन के कंप्यूटर में किया जाता है

Dynamic ROM (DRAM)-

एक MOSFETs का उपयोग DRAM में थोड़ा डेटा स्टोर करने के लिए किया जाता है, इस तरह की RAM को बनाने में कम खर्च होता है, लेकिन यह SRAM की तुलना में अधिक बिजली की खपत करता है और SRAM की तुलना में बहुत धीमा है।

आजकल हम सब जो आम लोग कंप्यूटर उपयोग करते हैं, उसमें इसी रैम का प्रयोग होता है

RAM के फायदे

  • आज जिस स्पीड के साथ हम अपने कंप्यूटर या मोबाइल पर काम कर पाते हैं रैम के कारण ही पॉसिबल हो पाया है
  • रैम बहुत ही पावर एफिशिएंट है, और यह बहुत कम पावर खपत करता है
  • RAM में कोई भी मूविंग पार्ट नहीं होता है, तो इसलिए इसके खराब होने के चांसेस बहुत कम होते हैं, और यह किसी तरह का कोई आवाज भी नहीं करता है

RAM के नुकसान

  • किसी भी कारण से पावर कट की स्थिति में राम पर का सभी तरह का डाटा डिलीट हो जाता है, जो कई बार काफी मुश्किल पैदा करने वाला हो सकता है
  • वैसे तो RAM आमतौर पर गड़बड़ नहीं होता है, लेकिन अगर कभी यह खराब हो गया तो इसको रिपेयर कर पाना लगभग नामुमकिन होता है, और हमें इसे बदलना ही पड़ जाता है
  • सभी तरह के स्टोरेज में RAM सबसे महंगा होता है, इसीलिए आज भी हमारे डिवाइस में यह मेन स्टोरेज के मुकाबले कम ही रहता है

इसी तरह के फुल फॉर्म

ROM ka full form

SSD ka full form

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